Saturday, August 31, 2013

ACJM dismisses petition for FIR on actor Kamal Khan

ACJM dismisses petition for FIR on actor Kamal Khan

ACJM, Lucknow dismissed the petition filed by me for registration of FIR against film actor Kamal R Khan in his review of film Raanjhana.

In the Video Review uploaded on Youtube on 20 June 2013, Khan had said-“Sir, I don’t know whether you are from UP or not, but I am. In the whole of UP, you will find cobblers and sweepers who look like Dhanush but you will not find such single rotten Brahman as him in entire UP.”

I had sought FIR against Khan’s comments calling them humiliating and degrading to the members of these two Schedule castes but the ACJM said that an offence under the SC/ST Act is made only when it is aimed at a particular individual which is not the case here; hence no cognizable offence is being made.

The order by any judicial authority is supposed to be the word of God but here somehow, I seem to be bewildered by the way the final interpretation has been made and have decided to take the matter to the higher forum for review. 

एसीजेएम ने अभिनेता कमाल खान पर एफआईआर की मांग ठुकराई

एसीजेएम लखनऊ ने मेरे द्वारा फिल्म अभिनेता कमाल आर खान द्वारा राँझना फिल्म की रिव्यू में की टिप्पणी पर एफआईआर दर्ज कराने की याचिका को खारिज कर दिया.

20 जून 2013 को यूट्यूब पर लोड हुए इस विडियो रिव्यू में खान ने कहा था- “सर, पता नहीं आप यूपी से हैं या नहीं, बट मैं यूपी से हूँ. पूरे यूपी में जैसा धनुष है, वैसे आपको भंगी मिलेंगे, चमार मिलेंगे बट एक भी इतना सड़ा हुआ पंडित आपको पूरे यूपी में कहीं नहीं मिलेगा.”

मैं ने कमाल खान की इस टिप्पणी को सीधे सीधे जातिसूचक मानते हुए अनुसूचित जाति जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में एफआईआर दर्ज हेतु प्रार्थनापत्र दिया था जिस पर एसीजेएम ने कहा कि इस अधिनियम में अपराध कारित होने के लिए यह आवश्यक है कि टिप्पणी ऐसी होनी चाहिए जो किसी व्यक्ति विशेष को क्षति पहुंचती हो, अतः उन्होंने इसे संज्ञेय अपराध नहीं मानते हुए खारिज कर दिया.

अदालत द्वारा कही बात ईश्वर की आवाज़ मानी जाती है लेकिन इस मामले में मैं अभी निर्णय को ले कर कुछ हतप्रभ हूँ और इसे उच्चतर न्यायिक फोरम पर चुनौती देने की सोच रहा हूँ.

आपके क्या विचार हैं?

1 comment:

  1. In my opinion, at least some good has been done. Kamaal khan and other snobbish people will not dare to speak I'll in future. These initiatives will take time to catch up in a moribund Indian youth but with social media anything can happen.