Wednesday, June 19, 2013

बिना जिम्मेदारी के बोल- मानहानि का मुक़दमा

शायद हमारे देश में कई लोग बिना आधार और बिना जिम्मेदारी के भाव के कुछ भी बोलने की आज़ादी समझते हैं.

कुछ दिन पहले मैंने और नूतन ने कुछ तथ्यों के आधार पर सहारा क्यू शॉप कंपनी द्वारा पैसा जमा कराये जाने की जांच कराने की मांफ की थी. इस पर सहारा क्यू शॉप के डाइरेक्टर ने अपना जो जवाव दिया, उसमे आरोपों को तो झूठलाया ही , साथ ही हम लोगों पर ही उलटे यह आरोप लगा दिया कि हमने ऐसा अपने निहित स्वार्थवश कंपनी को अस्थिर करने के लिए किया है और हम सफेदपोश उगाही करने वाले (व्हाईटकॉलर एक्सटोर्सनिस्ट) हैं .

हमने दो-दो बार लीगल नोटिस भेज कर डाइरेक्टर साहब से पूछा कि आखिर उनके इन आरोपों का आधार क्या है? हमने कहा कि या तो वे अपने आरोपों को पुष्ट करें या फिर अपनी गलती स्वीकार कर लें लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया.

इस पर अब नूतन ने डाइरेक्टर साहब के खिलाफ थाना गोमती नगर, लखनऊ में धारा 500 आईपीसी के तहत मानहानि का मुक़दमा दर्ज कराया है.

इस पर आपकी क्या टिप्पणी है?

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